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Kolkata : टीएमसी को टूटने से बचाने की कोशिश


Kolkata: Efforts to Prevent a TMC Split

कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बड़े अंदरूनी संकट से गुजर रही है। पार्टी के 28 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हालात बने हैं जब संगठन के भीतर खुली बगावत दिखाई दे रही है। कई विधायक बागी खेमे के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इसी बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (TMC chief Mamata Banerjee) ने पार्टी को टूटने से बचाने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। सूत्रों के मुताबिक, ममता पिछले दो दिनों से लगातार विधायकों से बातचीत कर रही हैं और उन्हें पार्टी में बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

ममता बनर्जी किन नेताओं से कर रहीं बातचीत?
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने हावड़ा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई विधायकों से सीधे फोन पर संपर्क किया है। बताया जा रहा है कि इनमें वे विधायक भी शामिल हैं जो हाल के दिनों में रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की बैठकों में नजर आए थे। पार्टी के भीतर यह आशंका बढ़ गई है कि अगर नाराज विधायकों को नहीं मनाया गया तो टीएमसी में और टूट हो सकती है। यही वजह है कि ममता खुद नेताओं से बात कर माहौल संभालने में जुटी हैं।

ऋतब्रत बनर्जी का खेमा़ क्यों बना चुनौती?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय बड़ा झटका लगा जब 58 विधायकों ने टीएमसी विधायक दल पर कब्जा करते हुए निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी (MLA Ritabrata Banerjee) को नेता प्रतिपक्ष बना दिया। इसके बाद से पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा। ऋतब्रत बनर्जी लगातार दावा कर रहे हैं कि उनके साथ विधायकों की संख्या बढ़ती जाएगी। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी के नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह टीएमसी के लिए सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि संगठनात्मक संकट भी है।