
नई दिल्ली : (New Delhi) ट्रायल कोर्ट की ओर से 217 करोड़ की वसूली मामले में आरोप तय करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस (actress Jacqueline Fernandez) की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने खुद को अलग कर लिया। अब इस मामले पर वो बेंच सुनवाई करेगी, जिसके सदस्य जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा नहीं होंगे। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।
पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में जैकलीन के अलावा ठग सुकेश चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉल के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया था। पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने इन आरोपितों के खिलाफ मकोका की धारा 3 और 4, भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 186, 384, 386, 388, 406, 409, 420, 468, 471 और 120बी के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अदिति सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया था। उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किय था। ईडी ने कोर्ट को बताया था कि सुकेश ने स्वीकार किया था कि 57 करोड़ रुपये अदिति सिंह से लिए लेकिन जांच में पाया गया कि उसने 80 करोड़ रुपये लिये थे। ईडी ने कहा था कि सुकेश ही इस मामले का मास्टरमाइंड है। इस मामले में उसने अदिति सिंह को पहला फोन लैंडलाइन से किया था। ईडी ने कहा कि सुकेश ने बताया कि इस पैसे से गाड़ी, लग्जरी आइटम और गिफ्ट खरीदे गए।
ईडी के मुताबिक सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने जैकलीन के लिए उपहार खरीदने के लिए उस अवैध धन का इस्तेमाल किया, जो उसने शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह समेत दूसरे हाई-प्रोफाइल लोगों से धोखाधड़ी कर वसूला था। ईडी के मुताबिक इस पूरे अपराध के लिए सुकेश ने ढांचा तैयार किया और अपराध को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस ने सुकेश चंद्रशेखर पर मकोका लगाया है।
