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Mumbai : महाराष्ट्र में स्टाम्प ड्यूटी में गड़बड़ियाें की जांच कराई जाएगी : राजस्व मंत्री

Mumbai: Probe into stamp duty irregularities in Maharashtra to be conducted: Revenue Minister

मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Maharashtra Revenue Minister Chandrashekhar Bawankule) ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि स्टाम्प डयूटी मामले में 1 अप्रैल, 2021 और 31 मार्च, 2026 के बीच दर्ज सभी “निर्णय” (एडजुडिकेशन) मामलों की जांच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स एकाउंटेंट जनरल (Accountant General) (एजी) की अध्यक्षता में काम करेगी।

मुंबई में चल रहे विधानमंडल के वर्षाकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्टाम्प ड्यूटी मामले में सिस्टम में भ्रष्टाचार और राजस्व के नुकसान पर चिंता जताई थी। मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, जांच पूरी तरह से एजी कार्यालय की देखरेख में की जाएगी और राज्य सरकार आवश्यक मैनपावर और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगी।

बावनकुले ने जोर देकर कहा, “यह केवल एक सामान्य जांच नहीं है। हमने ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाई है। यदि कोई अधिकारी स्टाम्प एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा, उस पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा और उसे नौकरी से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया जाएगा।”

मंत्री ने हाल ही में एक वरिष्ठ क्लर्क से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी का जिक्र किया, जिसने स्टाम्प ड्यूटी अधिकारी (Stamp Duty Officer) का प्रभार संभालते हुए कथित तौर पर सिर्फ़ 10 दिनों में 941 से अधिक दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन किया था। इस कार्रवाई में एमआरटीपी एक्ट का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत इमारतों का रजिस्ट्रेशन शामिल था, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को लगभग 13.91 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारी को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

स्टाम्प ड्यूटी अधिकारियों द्वारा “अर्ध-न्यायिक” शक्तियों के भविष्य में दुरुपयोग को रोकने के लिए, सरकार एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करने जा रही है। मंत्री ने सदन को सूचित किया कि जल्द ही एक औपचारिक सरकारी प्रस्ताव जारी किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट रूप से यह अनिवार्य किया जाएगा कि निर्णय प्रक्रिया के दौरान स्थापित कानूनी नियमों से भटकने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।