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Shimla : हिमाचल में भारी बारिश, भूस्खलन से 44 सड़कें बंद, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Shimla: Heavy rains in Himachal Pradesh, landslides block 44 roads, orange alert in several districts

शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश में मानसून (monsoon in Himachal Pradesh) की दस्तक के साथ बारिश ने जहां किसानों और बागवानों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है, वहीं कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित होना शुरू हो गया है। शिमला व सहित राज्य के अनेक हिस्सों में हो रही झमाझम बारिश से फसलों और बागानों को संजीवनी मिली है तथा लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। दूसरी ओर लगातार वर्षा और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operations Center) (SEOC) की बुधवार सुबह तक की रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन और वर्षा से प्रदेश में 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 254 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखा गया है, जहां 28 सड़कें बंद हैं। कुल्लू जिले में 12 सड़कें, लाहौल-स्पीति में दो और ऊना जिले में भी दो सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। बिजली व्यवस्था पर भी आंधी-बारिश का व्यापक असर पड़ा है। मंडी जिले में 198 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। सिरमौर में 44 और कुल्लू में 11 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। राहत की बात यह है कि राज्य में किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।

उधर, लाहौल-स्पीति जिले के जिस्पा क्षेत्र में मंगलवार रात बादल फटने से एक नाले में अचानक बाढ़ आ गई थी, जिसके कारण लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (Leh-Manali National Highway) पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन फंस गए। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग बहाल कर दिया है। लाहौल-स्पीति पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार फिलहाल लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय वर्षा दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिलीमीटर, घमरूर में 95.2 मिलीमीटर, गुलेर में 87.2 मिलीमीटर और पालमपुर में 74.4 मिलीमीटर बारिश हुई। चंबा जिले के सलूनी में 68.2 मिलीमीटर, मंडी के जोगिंदरनगर में 48 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 44.5 मिलीमीटर और बरठीं में 37.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा देहरा गोपीपुर में 38.3 मिलीमीटर तथा हमीरपुर के सुजानपुर टीहरा में 36 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा हुई, जबकि हमीरपुर में 41 किलोमीटर प्रति घंटा और सियोबाग में 39 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।

मौसम विभाग (Meteorological Department) ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। 2 और 3 जुलाई को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 4 जुलाई को येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 5 और 6 जुलाई को फिर से भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 7 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना के चलते येलो अलर्ट रहेगा।

विभाग ने भूस्खलन, अचानक बाढ़ और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून को मानसून ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में प्रवेश किया था और आज इसके पूरे प्रदेश में फैलने की संभावना है।