
लक्जमबर्ग सिटी : (Luxembourg City) अल्फाबेट की कंपनी गूगल (Alphabet-owned Google) को यूरोप में प्रतिस्पर्धा-विरोधी (एंटीट्रस्ट) मामले में बड़ा झटका लगा है। यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत (European Union’s top court) ने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़े मामले में गूगल पर लगाया गया लगभग 40 हजार करोड़ रुपये (4.67 अरब डॉलर) का जुर्माना बरकरार रखा है। यूरोपीय न्यायालय ने गुरुवार को गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट की अपील खारिज करते हुए कहा कि जनरल कोर्ट द्वारा संशोधित जुर्माना वैध है। यह जुर्माना 2018 में यूरोपीय आयोग ने गूगल द्वारा मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग कर प्रतिस्पर्धा को बाधित करने के आरोप में लगाया था। इसके बाद 2022 में जनरल कोर्ट ने आयोग के निष्कर्षों को सही ठहराते हुए जुर्माने की राशि में मामूली कमी की थी। कोर्ट ने माना था कि गूगल ने एंड्रॉयड का इस्तेमाल सर्च इंजन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए स्मार्टफोन निर्माताओं पर गैरकानूनी शर्तें लागू करने में किया।
क्या है मामला?
यूरोपीय आयोग (European Commission) के अनुसार, गूगल ने स्मार्टफोन निर्माताओं के साथ किए गए प्री-इंस्टॉलेशन समझौतों और लाइसेंसिंग शर्तों के जरिए उन्हें अपने एंड्रॉयड आधारित उपकरणों में गूगल सर्च और गूगल क्रोम पहले से इंस्टॉल करने के लिए बाध्य किया। आयोग का कहना था कि इससे गूगल ने अपने सर्च इंजन और ब्राउजर को अनुचित बढ़त दिलाई। यह मामला 2015 में सामने आया था, जब आयोग ने कई शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में आयोग ने पाया कि गूगल ने 2011 से विभिन्न अनुबंधों के माध्यम से प्रतिस्पर्धा-विरोधी शर्तें लागू की थीं।
