
नई दिल्ली : (New Delhi) मलयालम सिनेमा की प्रतिष्ठित फिल्म ‘किरीडम’ (Kireedam) शुक्रवार से भारत और विदेशों के सिनेमाघरों में 4 के गुणवत्ता और डॉल्बी एटमॉस ध्वनि के साथ दोबारा रिलीज़ होगी। फिल्म का पुनर्स्थापन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम–राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (National Film Development Corporation-National Film Archives of India) (NFDC-NFAI) ने किया है।
वर्ष 1989 में रिलीज़ हुई इस फिल्म का मूल कैमरा नेगेटिव समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि, राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार द्वारा तीन दशकों से अधिक समय तक सुरक्षित रखी गई 35 मिमी रिलीज़ प्रिंट के आधार पर फिल्म का 4के रिस्टोरेशन संभव हो सका।
फिल्म के पुनर्स्थापन में हाई-रिज़ॉल्यूशन स्कैनिंग, डिजिटल इमेज रिस्टोरेशन, कलर ग्रेडिंग और डॉल्बी एटमॉस साउंड रीमास्टरिंग की गई। यह कार्य निर्देशक सिबी मलयिल और सिनेमैटोग्राफर एस. कुमार (director Sibi Malayil and cinematographer S. Kumar) की देखरेख में पूरा हुआ।
सिबी मलयिल के निर्देशन और ए.के. लोहितदास की कहानी पर बनी ‘किरीडम’ में मोहनलाल और थिलकन (Mohanlal and Thilakan) ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं। इसे मलयालम सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में शामिल किया जाता है।
एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम (NFDC Managing Director Prakash Magdum) ने कहा कि वर्षों तक सुरक्षित रखी गई रिलीज़ प्रिंट के कारण ही इस क्लासिक फिल्म को नए स्वरूप में दर्शकों तक पहुँचाया जा सका है। वहीं, निर्देशक सिबी मलयिल ने राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत फिल्म के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए एनएफडीसी –एनएफएआई का आभार व्यक्त किया।
रिस्टोर की गई फिल्म का विश्व प्रीमियर 55वें अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्स (55th International Film Festival of India) में हुआ था, जहाँ इसे दर्शकों और फिल्मकारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
