
हवाना : (Havana) लैटिन अमेरिकी द्वीप देश क्यूबा (Latin American island nation of Cuba) में पांच दिनों के भीतर दूसरी बार पूरे देश की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय बिजली ग्रिड पूरी तरह बंद हो गया, जिससे पूरे द्वीप में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जनवरी से यह समस्या और बढ़ गई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने क्यूबा को विदेशी तेल की सप्लाई लगभग पूरी तरह रोक दी थी।
ईरान के सरकारी मीडिया प्रेसटीवी के अनुसार साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर क्यूबा की सरकारी बिजली कंपनी यूनियन इलेक्ट्रिका ने बताया कि राष्ट्रीय बिजली प्रणाली (national power system) अचानक ठप हो गई, जिसके कारण देशभर में बिजली आपूर्ति रुक गई। हालांकि बिजली गुल होने के तत्काल कारणों की जानकारी नहीं दी गई।
यह घटना सोमवार को हुई देशव्यापी बिजली कटौती के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। उस समय बिजली विभाग ने मंगलवार देर रात तक अधिकांश ग्रिड को बहाल कर दिया था और बुधवार सुबह सभी प्रांतों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने की पुष्टि की थी।
क्यूबा में हाल के महीनों में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार देश का अधिकांश बिजली ढांचा 1960 से 1980 के दशक के बीच का है और लंबे समय से रखरखाव, ईंधन तथा आधुनिक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है। मार्च में भी पूरे देश में दो बार बिजली गुल होने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।
ऊर्जा संकट के पीछे विदेशी तेल आपूर्ति में कमी को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के दूसरे कार्यकाल में क्यूबा पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और तेल आपूर्ति पर नियंत्रण के बाद देश के सामने ईंधन संकट और गंभीर हो गया है। क्यूबा अपनी कुल तेल आवश्यकता का केवल लगभग 40 प्रतिशत ही घरेलू उत्पादन से पूरा कर पाता है, जबकि शेष तेल आयात पर निर्भर है।
गाैरतलब है कि 03 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (US captured Venezuelan President Nicolas Maduro) को एक सैन्य अभियान के दौरान पकड़ लिया था और वहां से न्यूयॉर्क ले गया था, जहां वे ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोपों में जेल में बंद हैं। कुछ समय बाद ही, ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला अब क्यूबा को तेल या पैसा नहीं भेजेगा। तब से उनके प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण बनाए रखा है।
इसके बाद 29 जनवरी को ट्रंप ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि क्यूबा अमेरिका के लिए “एक असामान्य और असाधारण खतरा” है। इस आदेश के तहत उन्होंने उस किसी भी देश को भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी जो द्वीप को फ्यूल की सप्लाई करेगा। तब से, रूस का सिर्फ़ एक ही तेल टैंकर क्यूबा पहुंचा है, वह भी मार्च में।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency) के अनुसार 2023 तक क्यूबा अपनी ज़रूरत के तेल का सिर्फ़ 40 प्रतिशत ही पैदा करता है। बाकी तेल विदेशों से आता है।
