गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

खोजें (Search News)

ताजा खबर
13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•13:19चेतना सिंह ने लॉन्च किया नया डिजिटल मनोरंजन मंच•06:55मध्य रेल ने माल ढुलाई से 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया•07:28Nanded : किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा: सुनेत्रा पवार•12:03New Delhi : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा- बैंक कर्मचारियों को विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराएं•07:17Islamabad : पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर गोलीबारी•11:51Mumbai : एनएसई के शेयर की लिस्टिंग एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: आशीष चौहान•10:33New Delhi : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल•10:20Mumbai : साहिल वाकोडे आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच हो : उदय भानू चिंब•

Badlapur : उल्हास नदी पर बना नया पुल भी जलमग्न; निर्माण पर उठे सवाल

Badlapur: New bridge over Ulhas River submerged; questions raised about its construction

बदलापुर : (Badlapur) पिछले कुछ दिनों से उल्हास नदी (Ulhas River) में आई बाढ़ के कारण शहर में यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा, लेकिन बदलापुर में चौपाटी (Badlapur Chaupati) के पास उल्हास नदी पर बने नए फ्लाईओवर के प्रवेश द्वार पर पानी भर जाने से एक बार फिर इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि इस दौरान बगल में बना पुराना पुल ही लोगों के आवागमन के काम आया। ऐसे में नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए नए पुल से आखिर क्या लाभ हुआ?

बदलापुर शहर को बदलापुर गांव, अंबरनाथ और मुरबाड तालुका (Badlapur city to Badlapur village, Ambernath, and various villages in the Murbad taluka) के विभिन्न गांवों से जोड़ने वाले पुराने पुल पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए उल्हास नदी पर नए पुल का निर्माण किया गया था। करीब दो साल पहले पुराने पुल के बगल में तैयार हुए इस पुल से उम्मीद थी कि नदी का जलस्तर बढ़ने और पुराने पुल पर यातायात बंद होने की स्थिति में नए पुल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

हालांकि, पिछले दो वर्षों में जब भी उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ा है, नए पुल के प्रवेश मार्ग पर पानी भरने के कारण इसे यातायात के लिए बंद करना पड़ा है। इसके चलते वाहनों को मजबूरी में पुराने पुल से ही गुजरना पड़ता है। इससे नए पुल के निर्माण की योजना और डिजाइन पर सवाल उठ रहे हैं।

नागरिकों का कहना है कि पुल निर्माण के समय नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में क्यों नहीं रखा गया। उनका आरोप है कि यदि बदलापुर शहर की ओर पुल की लंबाई कुछ और बढ़ाई गई होती, तो यह समस्या पैदा नहीं होती।

इसके अलावा, उद्घाटन के बाद भी पुल पर अब तक पर्याप्त बिजली व्यवस्था नहीं की गई है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात के समय वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं, कई नागरिकों का कहना है कि पुल का उपयोग यातायात से अधिक घूमने-फिरने के लिए किया जा रहा है। पुल के किनारे बैठने आने वाले लोग अपनी बाइक खड़ी कर देते हैं, जिससे रास्ते में भी बाधा उत्पन्न होती है।

स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यह पुल यातायात सुविधा के लिए बनाया गया है या पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस पुल की उपयोगिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।