
मुंबई : (Mumbai) मुंबई में राम रक्षा आंदोलन के बाद अब शिवसेना (य़ूबीाटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे (Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray) राज्य की उपराजधानी नागपुर (Nagpur, the state’s second capital) में राम रक्षा आंदोलन करेंगे। आंदोलन का दूसरा चरण 18 जुलाई को नागपुर में होगा। यह जानकारी पार्टी सांसद संजय राऊत (MP Sanjay Raut) ने दी है। इस आंदोलन में युवा सेना चीफ आदित्य ठाकरे, मुंबई के नेता और विदर्भ के पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।
राऊत ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर (Ram Temple in Ayodhya) में दान चोरी की वजह से पूरे देश में गुस्सा है और मुख्य आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लूट अभी भी जारी है। खुद को हिंदुत्व कहने वाली संस्थाओं और संगठनों द्वारा स्पॉन्सर किए गए डाकू और चोर अभी भी अयोध्या में हैं। उन्होंने राम मंदिर और भगवान राम को बदनाम किया है। राऊत ने कहा कि यदि देवेंद्र फडणवीस केंद्र में जाते हैं, तो उनकी सिफारिश पर चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) को मुख्यमंत्री पद के लिए माना जा सकता है। मराठी प्रधानमंत्री बने इसके लिए हम फडणवीस को शुभकामनाएं देते हैं। उन्हें 2029 से पहले प्रधानमंत्री बन जाना चाहिए। साल 2029 में नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं आएगी।
सिद्धिविनायक मंदिर के प्रबंधन (management of the Siddhivinayak Temple) पर बोलते हुए राऊत ने दावा किया कि ठाकरे सरकार के दौरान ट्रस्टी बोर्ड ने मंदिर के फंड का इस्तेमाल सामाजिक कामों के लिए अच्छे से किया था। सत्ता बदलने के बाद, डायलिसिस सेंटर के लिए मंज़ूर फंड पार्टी की मेंबरशिप की शर्त पर रोक दिया गया था। मंदिरों के मैनेजमेंट में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
