
बैंकॉक : (Bangkok) थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक (Thailand’s capital, Bangkok) के चटुचक स्थित एक भीड़भाड़ वाले पब में रविवार देर रात आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हो गए। घायलों में 22 की हालत गंभीर है। अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
तुर्किये की सरकारी समाचार सेवा अनाडाेलू और फ्रांस के टीवी नेटवर्क फ्रांस24 के मुताबिक थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल (Prime Minister Anutin Charnvirakul) ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से पहले धुआं निकला, इसके बाद बिजली गुल हो गई और फिर जोरदार धमाका हुआ। अफरा-तफरी के बीच कई लोग पीछे की ओर स्थित टॉयलेट की तरफ भागे, जहां बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।
बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट (Bangkok Governor Chadchart Sittipunt) ने बताया कि आग बेहद तेजी से छत तक फैल गई। कई शव आपातकालीन निकास के पास मिले हैं, जिससे आशंका है कि निकास मार्ग किसी रुकावट के कारण अवरुद्ध था।
बैंकॉक महानगरीय प्रशासन के आपदा रोकथाम एवं शमन विभाग के निदेशक सुरियाचाई राविवान ने बताया कि दमकलकर्मियों को अंदर प्रवेश करने के दौरान रास्ते में मेज और कुर्सियां रखी मिलीं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
प्रत्यक्षदर्शी और लाओस के पर्यटक कान कुतिरत ने बताया कि उन्होंने स्टेज के पास धुआं उठते देखा, जिसके कुछ ही क्षण बाद पूरे पब में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने एक महिला को बाहर निकालने में मदद की, लेकिन वह केवल एक ही व्यक्ति को बचा सके।
दमकल विभाग ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। थाईलैंड में बार और नाइटक्लबों में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। वर्ष 2022 में चोनबुरी प्रांत के माउंटेन बी नाइटक्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2009 में बैंकॉक के सांतिका क्लब (Santika Club in Bangkok) में न्यू ईयर पार्टी के दौरान लगी आग में 67 लोगों की जान चली गई थी।
अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और क्या सुरक्षा नियमों में किसी तरह की लापरवाही हुई थी।
