
मुंबई : (Mumbai) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने निर्देश दिए हैं कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (Maharashtra State Road Transport Corporation) (एमएसआरटीसी) के एसटी डिपो का पुनर्विकास कर उसकी आय बढ़ाई जाए, ताकि महामंडल आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डिपो की व्यावसायिक क्षमता का आकलन कर उसके अनुरूप विकास योजना तैयार की जाए और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल (Public-Private Partnership) के तहत पुनर्विकास को गति देने के लिए आवश्यक नीतिगत प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।
‘वर्षा’ निवास पर हुई समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ‘वर्षा’ (Chief Minister’s official residence, ‘Varsha’) में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, परिवहन राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय सेठी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हर डिपो के लिए अलग विकास मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी एसटी डिपो पर एक ही विकास मॉडल लागू करने के बजाय प्रत्येक डिपो की व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर अलग-अलग योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं से होने वाली आय को एस्क्रो खाते में जमा किया जाए और उसका उपयोग अन्य विकास कार्यों में किया जाए।
पीपीपी नीति को मिलेगी गति
फडणवीस ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति के तहत डेवलपर्स को दी जाने वाली रियायतों से संबंधित प्रस्ताव जल्द मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाए, ताकि पुनर्विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
49 वर्ष के लीज मॉडल पर विचार
बैठक में बताया गया कि एसटी महामंडल की भूमि का स्वामित्व सुरक्षित रखने के लिए 49 वर्ष के लीज मॉडल पर विचार किया जा रहा है। इससे भूमि का व्यावसायिक उपयोग भी बढ़ेगा और उसका मालिकाना हक महामंडल के पास ही रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्टांप शुल्क में संभावित छूट से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच कराने के निर्देश दिए।
बनेंगे मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को बेहतर और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए एसटी डिपो, मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं का एकीकृत विकास किया जाए। उन्होंने प्रमुख एसटी डिपो को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (Multimodal Transport Hubs) के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विभिन्न परिवहन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और यात्रियों को आधुनिक एवं सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
