
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय फार्माकोपिया आयोग (Indian Pharmacopoeia Commission) (IPC) और उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल (Uttar Pradesh Promoted Pharma Council) (UPPPC) ने स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और नियामक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों को मजबूत करना, नियामकीय अनुपालन को बढ़ावा देना और नवाचार व क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस उद्योग में गुणवत्ता मानकों और नियामकीय अनुपालन को सुदृढ़ करेंगी। साथ ही भारतीय फार्माकोपिया, फार्माकोविजिलेंस (दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी) और मैटेरियोविजिलेंस (safety monitoring of medical devices) के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और हितधारकों के लिए जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाकर अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रतिकूल घटनाओं की डिजिटल रिपोर्टिंग के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे तथा गुणवत्ता आश्वासन और बाजार में उपलब्ध उत्पादों की निगरानी के माध्यम से मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।
भारतीय फार्माकोपिया आयोग (Indian Pharmacopoeia Commission) ने बुधवार को बताया कि यह साझेदारी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने, नवाचार को समर्थन देने और भारत के नियामकीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल, मेडिकल डिवाइस और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी का अग्रणी केंद्र बनाने में सहयोग देना है।
