
नई दिल्ली : (New Delhi) कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Congress MP and Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Rahul Gandhi) ने नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ (‘Parliament March’) मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि कई छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और लाखों छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग का समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को हटाने की है, क्योंकि वे शिक्षा व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार परीक्षा पेपर लीक हो रहे हैं और मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं। दूसरी मांग के तहत लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और तीसरी मांग के रूप में छात्रों से सार्वजनिक माफी की भी उन्होंने वकालत की।
रोजगार संकट और बंद होते अवसरों पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विनिर्माण क्षेत्र कमजोर हो चुका है, उद्यमियों को बैंक ऋण नहीं मिल रहा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) (Artificial Intelligence (AI) and Information Technology (IT) sectors) क्षेत्र में भी छंटनी हो रही है। उनके अनुसार, सरकारी नौकरी ही एक बड़ा विकल्प बचा है, लेकिन वहां भी परीक्षा प्रणाली विवादों से घिरी है।
10 साल में 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ लोग प्रभावित होने का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं, यानी औसतन हर महीने एक पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि इससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उनके अनुसार, अधिकांश प्रभावित परिवार मध्यम वर्ग और गरीब तबके से हैं, जो अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं।
NEET अभ्यर्थियों पर 1.32 लाख करोड़ रुपये का बोझ
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को महंगा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार का शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि हर साल नीट परीक्षा देने वाले परिवारों पर 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने इसे परिवारों के साथ “खुली लूट” करार देते हुए कहा कि यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा विदेश जाने को मजबूर हो रहे हैं।
जितेंद्र सिंह पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Union Minister Jitendra Singh) के बयान पर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि “कल मेरे मुंह से खून निकल रहा था, इसके बावजूद हम छात्रों के साथ खड़े रहे।” राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर जितेंद्र सिंह की कोई भूमिका नहीं है और वे जो कहना चाहें कह सकते हैं।
पीएम आवास पर धरना, फिर हिरासत
मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Congress President Mallikarjun Kharge, and Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav) सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। करीब तीन घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और देर रात रिहा कर दिया। रिहाई के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से 20 जुलाई की घटनाओं पर सदन में चर्चा कराने की मांग की थी।
