
नई दिल्ली : (New Delhi) ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी टीम ने शानदार शुरुआत की है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं (Olympic bronze medalist Lovlina Borgohain) महिला 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश कर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर चुकी हैं। अब भारतीय टीम की निगाहें इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (Inspire Institute of Sports) (IIS) से जुड़े तीन मुक्केबाजों सचिन सिवाच, प्रीति पवार और कपिल पोखरिया पर टिकी हैं, जो अपने अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं।
भारत के सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल सचिन सिवाच (Sachin Siwach) 25 जुलाई को पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में अपने अभियान का आगाज करेंगे। 26 वर्षीय सचिन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 2025 विश्व बॉक्सिंग कप फाइनल्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था और ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने थे। इसके बाद उन्होंने चेक गणराज्य में आयोजित ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम और स्पेन के बॉक्साम एलीट इंटरनेशनल टूर्नामेंट (Boxam Elite International Tournament in Spain) में भी स्वर्ण पदक जीता। वहीं, 2026 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। अपनी तकनीकी दक्षता और रिंग पर शानदार नियंत्रण के दम पर सचिन को भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में माना जा रहा है।
महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार को पहले दौर में बाई मिली है और वह सीधे प्री-क्वार्टर फाइनल (round of 16) से अपना अभियान शुरू करेंगी। पेरिस ओलंपियन प्रीति अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने इस वर्ष एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप (Asian Boxing Championships) में फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने विश्व बॉक्सिंग कप फाइनल्स और ईयूबीसी गोल्ड ग्रां प्री में भी स्वर्ण पदक हासिल किए। 22 वर्षीय भिवानी की इस मुक्केबाज से ग्लास्गो में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
पुरुष 90 किलोग्राम वर्ग में कपिल पोखरिया भी राउंड ऑफ-16 से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। आईआईएस से जुड़े इस हेवीवेट मुक्केबाज ने हाल के वर्षों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम में रजत पदक और राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इस वर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों (Commonwealth Games and Asian Games) की भारतीय टीम में जगह बनाई।
लवलीना के रूप में भारत का एक पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुका है। अब सचिन, प्रीति और कपिल से उम्मीद होगी कि वे भी जीत की लय को बरकरार रखते हुए भारतीय मुक्केबाजी टीम के पदकों की संख्या में इजाफा करें।
