
नई दिल्ली : (New Delhi) गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital in Gurugram) से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद सोमवार को पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Environmentalist Sonam Wangchuk) ने पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोनम वांगचुक ने पत्रकारों से कहा, “मैं आंदोलन समाप्त होने के बाद बापू के प्रति आभार जताना चाहता था। साथ ही शांतिपूर्ण आंदोलन में हिस्सा लेनेे वाले सभी देशवासियों को भी धन्यवाद देता हूं। उन्हें यह संदेश देना चाहता हूं कि गांधी जी के दिखाए रास्ते आज भी उतने ही प्रासंगिक और सही हैं जितने 100 साल पहले थे। इसलिए अपना संकल्प पूरा करने के लिए शांति से अपील करनी चाहिए।”
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे पर वांगचुक ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि एक बार इस्तीफा स्वीकार हो जाए, फिर इसका नतीजा सकारात्मक होगा और देश में सार्थक बदलाव की शुरुआत होगी। स्वस्थ बातचीत और आपसी सम्मान से ही सही नतीजे पर पहुंच सकते हैं। बेहतर सोच-विचार के बाद देश उस सिस्टम को अपनाए जो उसके लिए सबसे अच्छा हो।
उल्लेखनीय है कि वांगचुक ने दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar in Delhi) पर करीब 37 दिनों तक चले सीजेपी के छात्र आंदोलन के दौरान 26 दिनों तक अनशन रखा था। इसी बीच अस्वस्थ होने के कारण उनको सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया गया था। बाद में उनको गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से आज उनको छुट्टी मिल गई।
प्रदर्शन नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर था जिसके बाद गत शनिवार को शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही सीजेपी ने भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए देश के शिक्षा और परीक्षा सिस्टम में बदलाव की भी मांग की थी। छात्रों की इस मांग को लेकर भी सरकार न उन्हेें आश्वासन दिया है।
