
श्रीनगर : (Srinagar) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती (Peoples Democratic Party (PDP) President Mehbooba Mufti) ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर दिए अपने हालिया बयानों पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो असली था लेकिन मीडिया से बातचीत के दौरान अनजाने में एक शब्द गलत निकल गया जिससे गलतफहमी पैदा हुई।
श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि वीडियो नकली या एआई-जनरेटेड (video was fake or AI-generated) था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई पत्रकारों से बात करते समय जल्दबाजी में अधूरी बात कहने के कारण उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी के लगभग तीन दशक जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए समर्पित किए हैं और राजनीति के ज़रिए कभी कोई निजी फ़ायदा नहीं चाहा।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कमाया है वह लोगों का भरोसा और प्यार है। उन्होंने कहा कि अगर मेरी बातों से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है तो मैं दिल से माफ़ी माँगती हूँ। यहाँ के लोग मुझे अपना मानते हैं और अगर मेरे बयानों से उन्हें दुख पहुँचा है तो मैं खेद व्यक्त करती हूँ।
महबूबा ने राजनीतिक विरोधियों पर इस विवाद का राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने के लिए जानबूझकर उनके बयानों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया। उन्होंने आगे कहा कि इतने सालों तक राजनीतिक और व्यक्तिगत दबावों का सामना करने के बावजूद जिसमें 2019 के बाद उनके परिवार के सदस्यों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई भी शामिल है उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखा है।
अपनी बात दोहराते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उनका राजनीतिक संघर्ष हमेशा जम्मू-कश्मीर के हितों की रक्षा करने और वहाँ के लोगों की सेवा करने पर केंद्रित रहा है।
