
नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रमंडल खेल 2026 (2026 Commonwealth Games) में भारतीय खिलाड़ी केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अपनी मजबूत मानसिकता के दम पर भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) (Indian Olympic Association) की ओर से जारी एक विशेष रिपोर्ट में कई शीर्ष खिलाड़ियों ने बताया कि बड़े मुकाबलों का दबाव उन्हें परेशान नहीं करता, बल्कि बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू (Olympic gold medalist Mirabai Chanu) ने कहा कि उन्होंने कभी दबाव से डरना नहीं सीखा। उनके अनुसार जब भी वह भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं, तब दबाव उनके प्रदर्शन को और निखारने का काम करता है। उन्होंने कहा कि मानसिक मजबूती और दबाव का गहरा संबंध है तथा सकारात्मक सोच के साथ दबाव को स्वीकार करना सफलता की कुंजी है।
ऊंची कूद में रजत पदक जीतने वाले सर्वेश कुशारे (High jump silver medalist Sarvesh Kushare) ने बताया कि कड़ी प्रतिस्पर्धा और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता का पूरा आनंद लिया। उन्होंने कहा कि साथी खिलाड़ी तेजस्विन शंकर के उत्साहवर्धन और अपने अनुभव की बदौलत वह लगातार तीन बड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे।
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहैन (Olympic medalist boxer Lovlina Borgohain) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए दबाव को स्वीकार करना बेहद जरूरी है। वहीं ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा ने कहा कि भारत के लिए खेलते समय अपेक्षाओं का दबाव हमेशा रहता है, लेकिन वह इसे बोझ नहीं बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा मानते हैं।
भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव (Weightlifting silver medalist Gyaneshwari Yadav) ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा कि प्रतियोगिता से पहले वह भगवद्गीता का पाठ करती हैं। इससे उन्हें मानसिक शांति, एकाग्रता और आत्मविश्वास मिलता है, जो बड़े मंच पर प्रदर्शन में मदद करता है।
