
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) शिवाजी चौक परिसर स्थित चार मंजिला जर्जर साई सृष्टि इमारत (Sai Srishti’ building near Shivaji Chowk) का स्लैब गिरने की घटना के बाद उल्हासनगर महानगर पालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) ने मंगलवार सुबह से इमारत को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। हाइड्रोलिक डिमोलिशन एक्सकेवेटर (hydraulic demolition excavator) मशीन की सहायता से इमारत को सुरक्षित तरीके से गिराया जा रहा है। सोमवार आधी रात स्लैब गिरने की घटना के बाद मनपा प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया था। समय रहते इमारत खाली कराए जाने से किसी भी प्रकार की जनहानि टल गई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विध्वंस कार्य के दौरान प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। आसपास की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया है, बिजली आपूर्ति रोक दी गई है और पूरे क्षेत्र में आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। कार्रवाई के दौरान महापौर अश्विनी कमलेश निकम, नगरसेवक दुर्गा रॉय, सहायक आयुक्त गणेश शिम्पी तथा मनपा की विध्वंस टीम (Mayor Ashwini Kamlesh Nikam, Corporator Durga Roy, Assistant Commissioner Ganesh Shimpi, and the municipal demolition team) मौके पर मौजूद रही और पूरे अभियान की निगरानी की।
शहर में 283 खतरनाक इमारतें चिन्हित
सहायक आयुक्त गणेश शिम्पी (Assistant Commissioner Ganesh Shimpi) ने बताया कि उल्हासनगर में वर्तमान में 283 खतरनाक और 6 अत्यंत खतरनाक इमारतें चिन्हित हैं। साई सृष्टि इन्हीं अत्यंत खतरनाक इमारतों में शामिल थी। उन्होंने कहा कि शेष जर्जर इमारतों के खिलाफ भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। लगभग 30 वर्ष पुरानी इस इमारत को सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर गिराया जा रहा है।
