
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने 2020 में बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आवास पर चंडीगढ़ में प्रदर्शन के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Punjab Chief Minister Bhagwant Mann) को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (Justice Surya Kant) की अध्यक्षता वाली बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
इस मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने भगवंत मान के अलावा आम आदमी पार्टी के नेताओं हरपाल सिंह चीमा, गुरमीत सिंह, मीत हायर, बलजिंदर कौर , अमन अरोड़ा और अन्य आरोपितों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। याचिका केंद्रशासित चंडीगढ़ प्रशासन (Union Territory of Chandigarh administration) ने दायर की है। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि ये गैरकानूनी भीड़ जुटाने का मामला है। वहां पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसमें संज्ञेय अपराध घटित हुआ है, उसके बावजूद उच्च न्यायालय ने एफआईआर निरस्त कर गलती की है।
इसके पहले 21 जुलाई को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि भगवंत मान समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ इस तरह का कोई आरोप नहीं है कि उन्होंने बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को भड़काया था। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय (Punjab and Haryana High Court) ने भी एफआईआर निरस्त करते हुए कहा था कि आरोपित नेताओं के खिलाफ कोई आरोप नहीं है। इन आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 149, 332 और 352 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर कांस्टेबल मनप्रीत कौर की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
