
मोहम्मद मुकीम शेख
मुंबई : (Mumbai) मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में शनिवार सुबह तक कुल 12,79,566 मिलियन लीटर पानी संग्रहित है, जो कुल उपयोगी भंडारण क्षमता का 88.41 प्रतिशत है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) (Brihanmumbai Municipal Corporation) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग (Hydraulic Engineer Department) की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा स्थिति में शहर को जल संकट की कोई आशंका नहीं है।
चार झीलें लगभग पूरी तरह भरी
रिपोर्ट के अनुसार मोडक सागर और विहार झील (Modak Sagar and Vihar lakes)100 प्रतिशत क्षमता तक भर चुकी हैं। वहीं तुलसी झील 99.66 प्रतिशत और तानसा 98.77 प्रतिशत क्षमता पर पहुंच गई है। मिडिल वैतरणा 92.37 प्रतिशत, भातसा 87 प्रतिशत तथा ऊपरी वैतरणा 74.45 प्रतिशत क्षमता पर है, जहां अभी भी जल भंडारण की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है।
मिडिल वैतरणा में सबसे अधिक जलस्तर बढ़ा
पिछले 24 घंटों में मिडिल वैतरणा के जलस्तर में 0.81 मीटर की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। तानसा में 0.01 मीटर और तुलसी में 0.02 मीटर की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर ऊपरी वैतरणा में 0.16 मीटर, भातसा में 0.10 मीटर तथा विहार में 0.01 मीटर की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि मोडक सागर का जलस्तर स्थिर रहा।
ऊपरी वैतरणा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों में ऊपरी वैतरणा जलग्रहण क्षेत्र में 160 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सबसे अधिक रही। इसके अलावा मिडिल वैतरणा में 47 मिमी, मोडक सागर में 39 मिमी, तानसा और तुलसी में 18-18 मिमी, भातसा में 16 मिमी तथा विहार में 15 मिमी बारिश हुई।
कई झीलें पहले ही हो चुकी हैं ओवरफ्लो
बीएमसी के अनुसार, इस मानसून में विहार और तुलसी झील 7 जुलाई, तानसा बांध 22 जुलाई तथा मोडक सागर 23 जुलाई को ओवरफ्लो होना शुरू हो चुके हैं। वहीं ऊपरी वैतरणा से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया 6 जुलाई को ही बंद कर दी गई थी।
पूरे साल की जलापूर्ति और होगी सुरक्षित
विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त में अच्छी बारिश जारी रहने पर शेष झीलों का जल भंडार भी तेजी से बढ़ेगा। इससे मुंबई की पूरे वर्ष की पेयजल आपूर्ति और अधिक सुरक्षित हो जाएगी तथा भविष्य में जल कटौती की संभावना भी काफी कम रहेगी।
