
नई दिल्ली : (New Delhi) देश में जीवन बीमा पॉलिसी (life insurance policies) समय से पहले सरेंडर करने या बीच में छोड़ने का रुझान बढ़ा है। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि कुल बीमा लाभ भुगतान में सरेंडर और निकासी की हिस्सेदारी 2021-22 के 32 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 39 प्रतिशत हो गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (State for Finance Pankaj Chaudhary) ने कहा कि अब सरेंडर और निकासी का हिस्सा मैच्योरिटी लाभ से भी अधिक हो गया है। बीमा नियामक इरडा के अनुसार, गलत उत्पाद का चयन, प्रीमियम भरने में कठिनाई, गलत बिक्री, कम जानकारी और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं।
