
लखनऊ : (Lucknow) उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र (monsoon session of the Uttar Pradesh Legislative Assembly) बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार का 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट ध्वनिमत (government’s supplementary budget) से पारित कर दिया गया। इसके बाद सभी विधायी कार्य निपटाकर विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Assembly Speaker Satish Mahana) ने मंगलवार को हुए हंगामे पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सदन की प्रतिबंधित कार्यवाही को मीडिया में साझा करना और उसका प्रसारण कराना गंभीर एवं आपत्तिजनक है। उन्होंने सदस्यों के साथ मीडिया से भी संसदीय मर्यादा का पालन करने की अपील की।
संभल हिंसा और कैग रिपोर्ट पेश
प्रश्नकाल के दौरान ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (Energy Minister A.K. Sharma) के जवाब के बीच विपक्ष ने फिर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले आधे घंटे और बाद में दोपहर एक बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर सरकार का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित किया गया। इसी दौरान संभल हिंसा पर न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट और कैग (CAG) की रिपोर्ट (CAG report) भी सदन के पटल पर रखी गई। शेष विधायी कार्य पूरे करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
