
मुंबई/नई दिल्ली : (Mumbai/New Delhi) शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह ‘धनुष-बाण’ (Shiv Sena party and its election symbol, the ‘Bow and Arrow’) विवाद मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और न्यायाधीश वी. मोहना (Justices Surya Kant, Joymalya Bagchi, and V. Mohana, Senior Advocate Kapil Sibal) की पीठ के समक्ष शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखते हुए कहा कि दल-बदल विरोधी कानून के तहत एकनाथ शिंदे के साथ गए विधायक स्वतः अयोग्य हो जाते हैं। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार दोपहर दो बजे होगी।
चुनाव आयोग के रिकॉर्ड का दिया हवाला
कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने दलील दी कि पार्टी संविधान के अनुच्छेद 11ए की जानकारी मार्च 2013 में ही चुनाव आयोग को दी गई थी और यह आज भी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग का वर्तमान रुख तथ्यों के अनुरूप नहीं है।
पार्टी के संगठनात्मक चुनावों का किया उल्लेख
सिब्बल ने कहा कि शिवसेना के संगठनात्मक चुनाव 23 जनवरी 2018 को हुए थे और निर्वाचित पदाधिकारियों की जानकारी चुनाव आयोग को भेजी गई थी। उस समय एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य और पार्टी के नेता थे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के गठन से वर्ष 2012 तक बालासाहेब ठाकरे पार्टी प्रमुख रहे, जबकि उनके बाद उद्धव ठाकरे ने संविधान के अनुसार कई बार पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला।
‘निर्णय राजनीतिक दल का होना चाहिए‘
उद्धव गुट की ओर से सिब्बल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित निर्णय पार्टी को लेना चाहिए, न कि विधायक दल को। यदि पार्टी के भीतर कोई मतभेद है तो उसका समाधान संगठन के स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि विधायक दल को पार्टी के संगठनात्मक मामलों में निर्णायक भूमिका कैसे दी जा सकती है।
शिंदे पर लगाए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप
सिब्बल ने अदालत में कहा कि एकनाथ शिंदे अलग हुए विधायकों के साथ सूरत और गुवाहाटी गए थे तथा उस समय उनका भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के साथ संपर्क था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान शिंदे ने स्वयं कहा था कि उनके पीछे एक “सुपर पावर” है और उनकी गतिविधियां पार्टी के हितों के विपरीत थीं। वरिष्ठ अधिवक्ता गुरुवार को भी अपनी दलीलें जारी रखेंगे।
