
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा ने गुरुवार को विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच कराधान और अन्य कानून (Amendment) विधेयक-2026 को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। सदन ने इस विधेयक में कुछ संशोधन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
लोकसभा से बिना किसी चर्चा के पारित इस विधेयक का मकसद पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007′ में बदलाव करना है, जिससे ‘यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस’ (Unified Payment Interface) (UPI) पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (Merchant Discount Rate) (MDR) लागू हो सकता है। इस अधिनियम में बदलाव के अलावा विधेयक में ‘फाइनेंस एक्ट 2026’ और ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ में संशोधन करने और विदेशी निवेशकों को टैक्स में छूट देने के लिए जून में जारी अध्यादेश को रद्द करने का भी प्रस्ताव है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने मंगलवार को लोकसभा में ‘कराधान और अन्य कानून (Amendment) विधेयक, 2026’ को पेश किया था। सीतारमण ने इस विधेयक को सदन में पेश करते हुए बताया था कि सरकार का ‘कराधान और अन्य कानून (Amendment) विधेयक-2026’ लाने का मकसद देश के कर प्रणाली में बड़े बदलाव का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लाने का मकसद विनिर्माण को बढ़ावा देना, विदेशी निवेश आकर्षित करना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (electronics manufacturing and digital infrastructure) जैसे उभरते सेक्टर को सपोर्ट करना है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका मकसद फंड मैनेजमेंट के नियमों को आसान बनाना, टैक्स इंसेंटिव बढ़ाना और कुछ खास विदेशी संस्थाओं को छूट देना है।
