
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (TMC MP Mahua Moitra) की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘राजनीति में आने के बाद अंडे फेंके जाने से क्यों डरती हैं, जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां तक झेली थीं।’ महुआ ने हेट स्पीच मामले में पुलिस के सामने पेश होने के कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के आदेश को चुनौती दी थी। महुआ का तर्क था कि पिछली बार अपने निर्वाचन क्षेत्र के थाने जाने पर उन्हें धमकी दी गई और उन पर अंडे फेंके गए थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू (Justice Dipankar Datta and Justice Sheel Nagu) की बेंच ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। इसके बाद महुआ ने याचिका वापस ले ली।
मामला हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज हेट स्पीच मामले का संबंध उनके एक कथित बयान से है, जिसे लेकर आरोप लगाया गया कि उससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इस मामले में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के होगलबेरिया थाने (Hogalberia police station in West Bengal’s Nadia district) में एफआईआर दर्ज की गई थी। महुआ मोइत्रा का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं और मामला राजनीतिक कारणों से दर्ज किया गया है। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई से राहत मांगी। 21 जुलाई 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें 5 अक्टूबर तक अंतरिम राहत दी, लेकिन साथ ही पुलिस जांच में सहयोग करने और जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश भी दिया। इसके बाद महुआ मोइत्रा सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।
