
मुंबई : (Mumbai) सावन का महीना हो और शिव भक्ति के गीतों की गूंज न सुनाई दे, ऐसा संभव नहीं है। भगवान शिव को समर्पित कई भक्ति गीतों ने लोगों के बीच खास पहचान बनाई है। इनमें गायक कैलाश खेर का ‘बम लहरी’ (singer Kailash Kher’s ‘Bam Lahari’) भी शामिल है, जो करीब 19 साल बाद आज भी शिव भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
‘बम लहरी’ गीत वर्ष 2007 में तैयार किया (‘Bam Lahari’ was created in 2007) गया था। यह किसी फिल्म का हिस्सा नहीं था, बल्कि कैलाश खेर ने अपने संगीत समूह कैलासा के साथ मिलकर इसे प्रस्तुत किया था। गीत में पारंपरिक शिव भक्ति के साथ आधुनिक संगीत का मेल देखने को मिला, जिसने इसे अलग पहचान दी।
इस गीत की सबसे बड़ी खासियत कैलाश खेर की ऊंची और दमदार आवाज है। उन्होंने पूरे जोश और भक्ति भाव के साथ इसे गाया है। गीत सुनते ही शिव भक्ति का माहौल बन जाता है और श्रद्धालु इसके साथ झूमने लगते हैं। बताया जाता है कि कैलाश खेर ने इस गीत को एक ही बार में रिकॉर्ड कर लिया था। ‘बम लहरी’ के बोल कैलाश खेर ने परेश और नरेश कामथ (Paresh and Naresh Kamath) के साथ मिलकर लिखे थे। वहीं गीत का संगीत भी कैलाश खेर ने ही तैयार किया था। उनकी आवाज और संगीत के अनोखे मेल ने इस भक्ति गीत को श्रोताओं के बीच खास बना दिया। सावन के महीने में यह गीत खास तौर पर खूब सुना जाता है। इसके अलावा महाशिवरात्रि, कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी ‘बम लहरी’ की गूंज सुनाई देती है। कई धार्मिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में आज भी यह गीत लोगों को भक्ति में झूमने पर मजबूर कर देता है। कैलाश खेर ने अपने करियर में कई लोकप्रिय गीत दिए हैं। ‘अल्लाह के बंदे’ (‘Allah Ke Bande’) ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, वहीं ‘बम लहरी’ ने शिव भक्तों के बीच उनकी अलग पहचान बनाई। करीब दो दशक बाद भी इस गीत की लोकप्रियता कायम है और सावन आते ही इसकी मांग फिर बढ़ जाती है।
