
छत्रपति संभाजीनगर : (Chhatrapati Sambhajinagar) स्वतंत्रता दिवस नजदीक है और 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले (Red Fort) की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इसी बीच युवा कार्यकर्ता अभिजीत दीपके (youth activist Abhijit Deepke) ने मांग की है कि इस बार प्रधानमंत्री का संबोधन केवल औपचारिकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं और नई पीढ़ी के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हो।
प्रधानमंत्री से युवाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना की मांग
अभिजीत दीपके ने अपील की है कि प्रधानमंत्री इस 15 अगस्त को लाल किले से स्पष्ट रूप से बताएं कि सरकार युवाओं के लिए क्या कर रही है। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य को लेकर सरकार की कार्ययोजना और आगे की दिशा देश के सामने रखने की मांग की है। उन्होंने लोगों से अगले एक सप्ताह तक प्रधानमंत्री से लगातार युवाओं के मुद्दों पर बात करने का आग्रह करने की अपील भी की है। अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए कौन से ठोस कदम उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी को लेकर भी प्रधानमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को बताना चाहिए कि बेरोजगारी कम करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य के लिए उसकी क्या योजना है।
छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया
उन्होंने छात्रों के आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाओं को लेकर प्रशासन की ओर से जानकारी नहीं होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित वीडियो और दृश्य मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रशासन के सामने रखा जा सकता है। अभिजीत दीपके ने ‘क्या बोलती पब्लिक’ (‘Kya Bolti Public’) अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं ने शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए अपनी आवाज बुलंद की है।
भाजपा और संघ के बयानों पर भी निशाना
अभिजीत दीपके ने भाजपा नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच युवाओं को लेकर दिए गए बयानों में कथित विरोधाभास पर भी सवाल उठाया। उन्होंने मोहन भागवत के उस संदेश का उल्लेख किया जिसमें लोगों को किसी को राष्ट्रविरोधी नहीं कहने की सलाह दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेताओं ने युवाओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। अभिजीत दीपके ने शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के संबोधन में युवाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को कितनी प्रमुखता मिलती है।
