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Sanaa (Yemen) : जिजान प्रांत में सऊदी अरामको की जिजान रिफाइनरी पर हूती का हमला

Sanaa (Yemen): Houthi attack on Saudi Aramco's Jizan refinery in Jizan province

सना (यमन) : (Sanaa (Yemen) हूती (अंसार अल्लाह) ने सऊदी अरब के जिजान प्रांत में सऊदी अरामको की रिफाइनरी (Saudi Aramco refinery in Saudi Arabia’s Jizan province) में हमला करने की जिम्मेदारी ली है। यह हमला यमन के सादा और हज्जा प्रांतों पर सऊदी ड्रोन हमलों के जवाब में किया गया।

इस संबंध में लेबनान की राजधानी बेरूत से संचालित हूती के पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण वाले अल मसीराह टीवी (Al-Masirah TV) में आज बयान जारी बयान में कहा गया कि यमन में सक्रिय हूती इस हमले की जिम्मेदारी लेता है। सऊदी अरामको सऊदी अरब की सरकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी (petroleum and natural gas company) है। इसका पूरा नाम सऊदी अरबियन ऑयल कंपनी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफे वाली ऊर्जा कंपनियों में से एक है। इसका मुख्यालय सऊदी अरब के धाहरान में है।

मसीराह टीवी पर प्रसारित हूती के बयान में कहा गया कि विद्रोहियों ने इस सुविधा को ड्रोन से निशाना बनाया। महत्वपूर्ण यह है कि हूती यमन का चरमपंथी, राजनीतिक और सैन्य संगठन है। यह मुख्य रूप से यमन के उत्तरी हिस्से के जैदी शिया मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करता है। इसे ईरान का सीधा समर्थन प्राप्त है। अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हूती को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।

अल जजीरा की रिपोर्ट में इस पर विस्तार से चर्चा की गई है। हूती के हमले की जिम्मेदारी लेने से पहले सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने सिर्फ यह कहा था कि अग्निशमन कर्मियों ने लाल सागर के जिजान बंदरगाह में सऊदी अरामको की रिफाइनरी की एक सुविधा में सुबह लगी आग को बुझा दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती के हमलों की निंदा की है। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इस कदम का स्वागत किया है। सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हूती के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की अपनी अपील भी दोहराई है।

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी (Yahya Saree) ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि विद्रोहियों ने सऊदी अरामको रिफाइनरी पर सटीक हमला कर यमन के सादा और हज्जा प्रांतों के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ का जवाब दिया है। सरी ने यह दावा सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के एक बयान के कुछ घंटों बाद किया। बयान में कहा गया था कि जिजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी की सुविधाओं में से एक में सुबह आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के हमले की सूचना देने के तत्काल बाद इजराइल के चैनल 14 ने समाचार प्रसारण में इस हमले के पीछे हूती विद्रोहियों का हाथ बताया। बताया गया है कि हूती का यह हमला पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के शुक्रवार को “मक्का संयुक्त रक्षा समझौते” (“Mecca Joint Defense Agreement”) पर हस्ताक्षर करने के बाद हुआ है।

कहा जाता है कि उत्पादन और भंडार के मामले में यह सबसे अव्वल कंपनी है। इसके पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार और उत्पादन तंत्र है।इसकी शुरुआत 1933 में अमेरिकी कंपनियों के साथ एक समझौते के तहत हुई थी। 1980 के दशक में सऊदी सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया। इस समय सऊदी अरामको का बाजार मूल्य भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 162 लाख करोड़ रुपये है।

सऊदी अरामको की बिना रुके अधिकतम तेल उत्पादन क्षमता 12 मिलियन (1.2 करोड़) बैरल प्रतिदिन है। कंपनी बिना किसी अतिरिक्त निवेश के इस स्तर पर एक वर्ष तक लगातार उत्पादन बनाए रख सकती है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ओपेक प्लस के समझौतों के तहत इसका वास्तविक कच्चा तेल उत्पादन लगभग 9 मिलियन से 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन के आसपास है। यदि कच्चे तेल के साथ प्राकृतिक गैस और अन्य ऊर्जा उत्पादों को भी जोड़ दिया जाए, तो इसका कुल उत्पादन लगभग 13.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। इस कंपनी के पास भूमिगत तेल का विशाल भंडार (267 बिलियन बैरल) है।