
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने फिल्म अभिनेत्री तब्बू (film actress Tabu) के खिलाफ आपत्तिजनक आनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह (Justice Jyoti Singh) की पीठ ने ये आदेश दिया। कोर्ट ने 6 अगस्त को ही ये संकेत किया था कि वो तब्बू के खिलाफ आपत्तिजनक आनलाइन कंटेंट हटाने का आदेश देगा।
उच्च न्यायालय ने बिना अनुमति के तब्बू का नाम, फोटो, आवाज या व्यक्तित्व से जुड़े दूसरे कंटेंट को हटाने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स गूगल, एक्स और रेडइट (Justice Jyoti Singh) को निर्देश दिया कि वो तब्बू को लेकर एआई, डीपफेक, फेस मॉर्फिंग के जरिये निर्मित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाए। उच्च न्यायालय ने कुछ प्लेटफार्म को निर्देश दिया कि वो कुछ सर्विस प्रदाताओं के बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन और आईपी लॉग की जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
तब्बू ने अपने खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट और एआई निर्मित कंटेंट को हटाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि तब्बू के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक कंटेंट और एआई निर्मित कंटेंट बिना अनुमति के अपलोड किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले उच्च न्यायालय कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुकी है। न्यायालय ने क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा, फिल्म अभिनेता और सांसद रवि किशन, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, बाबा रामदेव, फिल्म अभिनेत्री काजोल फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।
