
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (भाजपा ) ने तहलका के संस्थापक और पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल (Tehelka founder and former Editor-in-Chief Tarun Tejpal) से जुड़े 2013 के दुष्कर्म मामले को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की चुप्पी पर निशाना साधा है। भाजपा ने सवाल उठाया कि तेजपाल को सजा सुनाए जाने के बाद भी कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। यह मामला दिखाता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिला उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर विपक्ष का रवैया एकतरफा और पूर्वाग्रह से भरा रहा है।
सोमवार को भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी (Sudhanshu Trivedi) ने पत्रकार वार्ता में तहलका के पुराने स्टिंग ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा कि स्टिंग करने वाले समूह ने जांच के लिए पूरे टेप उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था। इससे जांच को लेकर संदेह और बढ़ा। उन्होंने कहा कि जब जांच रिपोर्ट सामने आई, तब तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने रिपोर्ट को सदन के पटल पर नहीं रखा। बाद में भाजपा सरकार द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद 41 पन्नों की सारांश रिपोर्ट सदन में रखी गई।
उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस और तहलका के बीच कथित नजदीकी का भी मुद्दा उठाया। सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि सितंबर 2004 में सोनिया गांधी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (Finance Minister P. Chidambaram) को पत्र लिखकर तहलका और उसके फाइनेंसर के साथ किसी तरह की प्रताड़ना नहीं होने तथा सकारात्मक व्यवहार करने की बात कही थी। भाजपा सांसद ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या उस समय उनकी सरकार तहलका के साथ ‘अनुचित व्यवहार’ कर रही थी।
पार्टी ने यह भी कहा कि 2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने तहलका को पत्रकारिता में उत्कृष्टता का पुरस्कार दिया था। भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने तहलका के काम को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण बताया था।
उन्होंने 2021 में निचली अदालत (lower court) से तरुण तेजपाल के बरी होने के बाद उनके कथित बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की मदद के लिए धन्यवाद देने की बात कही थी। भाजपा ने कांग्रेस से पूछा कि वह इन घटनाओं पर अपना रुख स्पष्ट करे और बताए कि कांग्रेस और तरुण तेजपाल या तहलका के बीच उस समय क्या संबंध थे।
