
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने केंद्र सरकार को बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की सुरक्षा बढ़ाने को कहा है। जस्टिस मनोज जैन ने पप्पू यादव की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील से ये बातें कही। इस मामले पर आज दोपहर बाद फिर सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से पेश वकील शादान फरासत ने कहा कि उन्होंने राममंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में संसद के बाहर नाटक किया था तब से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इसके लिए केंद्र को प्रतिवेदन भी दिया गया है। इस पर केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से पेश वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि सुरक्षा बढ़ाने को लेकर दिए गए उनके प्रतिवेदन पर सरकार विचार कर रही है और इसके लिए अंतरिम उपाय किए जा रहे हैं। तब कोर्ट ने कहा कि ये महत्वपूर्ण है। वो एक सांसद हैं। केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा बढ़ाए, आप ये नहीं कह सकते हैं कि हमला मनगढ़ंत था।
पप्पू यादव ने कहा है कि जब से उन्होंने राममंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में संसद के बाहर एक नाटक किया था तब से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पप्पू यादव के ऊपर 2 अगस्त को उनके आवास पर हमला किया गया था जिसमें एक व्यक्ति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर चप्पल फेंकी थी। हमलावर के पास चाकू भी मिला था।
पप्पू यादव ने कहा है कि ०१ अगस्त को उन्हें धमकी दी गई और सार्वजनिक रुप से सिर कलम के लिए 51 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। उसके बाद उनकी सांसद पत्नी के आवास के बाहर भीड़ एकत्र हो गई और उन्हें मारने की धमकी दी गई। उस दौरान पप्पू यादव पत्नी के आवास पर ही थे। उसके बाद उन्होंने 2 अगस्त को इसकी शिकायत पुलिस से की और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य दिए गए। बाद में जब पप्पू यादव अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तो उनके ऊपर चप्पल फेंकी गयी और चाकू से हमला करने की कोशिश की गई।
पप्पू यादव ने याचिका दायर कर कहा है कि उनकी सुरक्षा का आकलन कर पूरे देश में उनकी सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश देना चाहिए। फिलहाल पप्पू यादव को बिहार में वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। यादव ने याचिका में कहा है कि धमकियां मिलने के बाद उन्होंने पूरे देश में सुरक्षा बढ़ाने के लिए लिखित प्रतिवेदन भेजा लेकिन गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा पर कोई फैसला नहीं किया। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 21 का खुला उल्लंघन है।
