
नई दिल्ली : (New Delhi) पेपर लीक मामले (paper leak case) की सुनवाई करने वाले दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया।
कोर्ट ने इस मामले के 13 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट पर संज्ञान लिया। सीबीआई ने 13 लोगों को आरोपित बनाया है। सीबीआई ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। ये सभी आरोपित अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
सीबीआई ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Indian Penal Code) की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (Prevention of Unfair Means) एक्ट की धारा 10 ,धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
इसके पहले कोर्ट ने तीन आरोपितों मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल का लाई डिटेक्टर टेस्ट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया था कि इस मामले में 12 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी जिसके तुरंत बाद 72 अफसरों और आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरु की गई। सीबीआई ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और दूसरे राज्यों में 92 स्थानों पर छापे मारे। इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को की गई थी।
