
मुंबई : (Mumbai) गायक आतिफ असलम (Singer Atif Aslam) ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर लगे प्रतिबंध को लेकर पहली बार खुलकर बात की है। 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर रोक लगा दी गई थी। आतिफ भी इस प्रतिबंध के चलते भारत में काम नहीं कर सके। करीब एक दशक बाद उन्होंने अपनी अनुपस्थिति और भारतीय प्रशंसकों के साथ अपने जुड़ाव को लेकर भावनात्मक बात कही है।
बातचीत के दौरान आतिफ ने कहा कि भारत में उन पर प्रतिबंध लगे करीब 10 साल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक से उन्होंने भारत में कोई गाना नहीं गाया है, लेकिन उनके प्रशंसक आज भी किसी न किसी तरह उनका संगीत सुनते हैं। उन्होंने कहा कि कई प्रशंसक वीपीएन (VPNs) के जरिए उनके गाने सुनते हैं और सीडी बनाकर दूसरों तक पहुंचाते हैं। आतिफ ने स्पष्ट किया कि वह पायरेसी का समर्थन नहीं करते, लेकिन संगीत को जहां पहुंचना होता है, वह वहां पहुंच ही जाता है।
भारतीय फैंस को याद करते हुए आतिफ ने कहा, “मैं हमेशा से आपको बताना चाहता था कि मुझे आपकी बहुत याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन आपकी बहुत याद आती है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत में प्रतिबंध नहीं लगा होता तो शायद वह उतना संगीत नहीं बना पाते, इसलिए उन्होंने प्रतिबंध लगाने वालों का भी शुक्रिया अदा किया।
आतिफ असलम भारत में ‘दिल दियां गल्लां’, ‘तेरे बिन’ और ‘बेइंतहा’ (“Dil Diyan Gallan,” “Tere Bin,” and “Beintehaa) जैसे कई लोकप्रिय गानों को अपनी आवाज दे चुके हैं और उनके भारतीय प्रशंसकों के बीच आज भी उनकी मजबूत लोकप्रियता बनी हुई है।
