
नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेटों पर चेतावनी लेबल लगाने का विरोध करने पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Food Safety and Standards Authority of India) (FSSAI) को फटकार लगाई है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो हम कर देंगे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश के मुताबिक कार्रवाई नहीं करते हुए एफएसएसएआई ने सभी पैकेट्स पर चीनी, नमक और फैट्स की रोजाना अनुशंसित मात्रा का जिक्र करने की वकालत की। इस पर कोर्ट नाराज हो गया और कहा कि हमने फरवरी में जो कहा था वो केवल सुझाव नहीं था, बल्कि एक आदेश था। कोर्ट ने एफएसएसएआई को दो हफ्ते में अपने प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने को कहा। कोर्ट ने केंद्र सरकार (central government) की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को भारत में लागू नहीं किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और एफएसएसएआई से कहा कि ये मामला नागरिकों, खासकर बढ़ती उम्र के बच्चों से जुड़ा है और इससे जुड़े फैसले कारपोरेट घरानों के दबाव में प्रभावित नहीं होने चाहिए। कोर्ट ने पूछा कि क्या आप नहीं चाहते कि इस देश के लोग हेल्दी रहें।
