
नांदेड़ : (Nanded) महाराष्ट्र के नांदेड स्थित सचखंड श्री हुजूर साहिब गुरूद्वारा (Sachkhand Sri Hazur Sahib Gurudwara in Nanded, Maharashtra) में गुरूवार को हुए हमले के बाद पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल से बाहर आते ही बादल ने कहा, “ना मैं न पहले डरा, न अब डरता हूं।”
इस अवसर पर सुखबीर बादल ने कहा कि कुछ लोगों का उद्देश्य पंजाब के हालात पर नियंत्रण हासिल करना और राज्य की शांति भंग करना है। उन्होंने कहा कि अकाली दल (Akali Dal) पंजाब के भाईचारे, गौरव और सांप्रदायिक एवं धार्मिक सद्भाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ”मैं कभी नहीं डरा और न ही अब डरता हूं।” उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर दो बार सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर हमला किया गया, लेकिन वह इससे भयभीत नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की और सामाजिक-धार्मिक सद्भाव पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए अकाली दल किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटेगा।
कृपाण से किया गया था हमला
सुखबीर बादल जब नांदेड़ स्थित सचखंड श्री हजूर साहिब परिसर के निकट थे तो उन पर कृपाण (kirpan (a ceremonial sword) से हमला किया गया था। उनके साथ गए मीडिया सलाहकार राज्यदीप के अनुसार, गुरुद्वारा माता साहिब दीवान जी मुगत परिसर से बाहर निकलते समय चरण कमल के पास उनके साथ चल रहे एक व्यक्ति, जो निहंग के वेश में था, कृपाण से हमला कर दिया। हमले में सुखबीर बादल के हाथ में चोट आई। उन्हें उपचार के लिए यशोसाईं अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ की सर्जरी की गई और टांके लगाए गए। शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
2 साल में दूसरा हमला
सुखबीर सिंह बादल को जेड-प्लस (Z-plus security status) सुरक्षा प्राप्त है। पिछले दो वर्षों में यह उन पर हुआ यह दूसरा हमला बताया है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर उन पर हमला किया गया था। उस समय वह श्री अकाल तख्त के आदेश के तहत परिसर के मुख्य द्वार पर सेवादार की सजा भुगत रहे थे। नांदेड़ की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। मामले की जांच के आधार पर हमले के पीछे की वजह और आरोपित की मंशा को लेकर जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
