
कोस्टल रोड से प्रभावित मछुआरों के लंबित मुआवजे का मामला जल्द सुलझने की उम्मीद
मुंबई : (Mumbai) वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना (Coastal Road) से प्रभावित मछुआरों के लंबित मुआवजे का मुद्दा जल्द सुलझने की उम्मीद है। मुआवजे के मानदंड तय करने के लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (Tata Institute of Social Sciences) (TISS) की ओर से विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद दो महीने के भीतर मछुआरों के मुआवजे को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। यह जानकारी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde) ने गुरुवार को दी।
मछुआरों की समस्याओं पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक
मछुआरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एकनाथ शिंदे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में मत्स्य एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे (Ports Minister Nitesh Rane) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कोस्टल रोड परियोजना (Coastal Road project) से प्रभावित मछुआरों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। शिंदे ने अधिकारियों को मामले में जल्द उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
TISS की रिपोर्ट के बाद तेजी से होगा फैसला
एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समुदाय के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। मुआवजे के मानदंड तय करने के लिए TISS द्वारा किए जा रहे अध्ययन की रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में तेजी से निर्णय लिया जाएगा।
जुहू-वर्सोवा में जेट्टी और ड्राइंग यार्ड पर भी चर्चा
बैठक में जुहू-वर्सोवा क्षेत्र (Juhu-Versova area) के मछुआरों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसमें जेट्टी, नेट फिक्सिंग और ड्राइंग यार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा शामिल था।
सरकार का कहना है कि मछुआरों को केवल मुआवजा देना ही नहीं, बल्कि उनके पारंपरिक व्यवसाय को जारी रखने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राथमिकता है।
दो महीने में फैसले की उम्मीद
TISS की रिपोर्ट आने के बाद मछुआरों के लंबित मुआवजे के मुद्दे पर दो महीने के भीतर फैसला होने की उम्मीद है। अब मछुआरा समुदाय की नजर TISS की रिपोर्ट और सरकार के अगले निर्णय पर है।
