
ईरान-ओमान के शीर्ष राजनयिक करेंगे चर्चा
तेहरान : (Tehran) ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अल-बुसैदी (Oman’s Foreign Minister, Sayyed Badr al-Busaidi) आगामी 25 अगस्त को ईरान की राजधानी तेहरान का दौरा करेंगे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (Iranian Foreign Ministry spokesman Esmail Baqai) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। इस दौरान अल-बुसैदी अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस न्यूज और ईरान की समाचार एजेंसी तसनीम न्यूज ने ईरानी विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और नियमित राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाना है। बातचीत में क्षेत्रीय घटनाक्रम और दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
बकाई ने कहा कि ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दो तटीय देश हैं और दोनों के बीच लगातार राजनीतिक बातचीत होती रहती है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। अल-बुसैदी की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब तेहरान और मस्कट होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन को लेकर एक नई व्यवस्था बनाने पर बातचीत कर रहे हैं। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी का प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार है और वैश्विक तेल एवं एलएनजी आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
बीते 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेने और पारगमन शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता पड़ रही है।
अमेरिका चाहता है कि होर्मुज में युद्ध से पहले जैसी मुक्त आवाजाही की व्यवस्था बहाल हो। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का इस जलमार्ग पर ‘पूर्ण नियंत्रण’ है।
युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और एलएनजी निर्यात का परिवहन होर्मुज जलडमरूमध्य से होता था। इसलिए यहां लंबे समय तक किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखला पर असर डाल सकती है।
ईरान और ओमान (Iran and Oman) जलडमरूमध्य के जरिए जहाजों के लिए एक नया मार्ग स्थापित करने पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं।
तेहरान का कहना है कि बातचीत सफल होने के बावजूद जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने का फैसला व्यापक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी दबाव और ईरानी बंदरगाहों पर कथित नाकाबंदी को हटाना शामिल है।
ऐसे में ओमानी विदेश मंत्री की तेहरान यात्रा को क्षेत्रीय तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही को लेकर किसी संभावित समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
