
नई दिल्ली : (New Delhi) गोवा सरकार (Goa government) ने कहा है कि दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिए गए तहलका के पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल (Tehelka journalist Tarun Tejpal) को उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में अपील दाखिल करने के पहले सरेंडर कर देना चाहिए था। तेजपाल ने इस मामले में दी गई दस साल की सजा को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। दूसरी ओर, गोवा सरकार ने तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Solicitor General Tushar Mehta) ने उच्चतम न्यायालय में ये बातें कहीं। दूसरी ओर, तरुण तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि तरुण तेजपाल को सरेंडर करने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि बांबे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) की गोवा बेंच ने अपने 6 अगस्त के फैसले में सरेंडर करने पर एक महीने की रोक रखी है।
गोवा सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तरुण तेजपाल को उम्रकैद की सजा देने की मांग की है। गोवा सरकार ने बांबे उच्च न्यायालय (Goa Bench of the Bombay High Court) की गोवा बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें तरुण तेजपाल को दो दोष के लिए 10-10 साल की कड़ी एक सजा काटने का फैसला सुनाया है। गोवा सरकार ने कहा है कि समय बीत जाने का लाभ अपराधी को नहीं दिया जा सकता है। छह अगस्त को बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच ने तरुण तेजपाल को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने तरुण तेजपाल को दस साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि घटना 13 साल पहले की है और इस दौरान तरुण तेजपाल की ओर से कोई आपराधिक कृत्य की जानकारी नहीं है।
