
नई दिल्ली : (New Delhi) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Prime Minister Narendra Modi, Union Home and Cooperation Minister Amit Shah) समेत कई नेताओं ने गुरुवार को विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन (A. Balakrishnan, the President of Vivekananda Kendra) के निधन पर गहरा दुख जताया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “बालकृष्णन ने अपने जीवन के पांच दशक से अधिक का समय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और समाज की सेवा में समर्पित किया। विवेकानंद केंद्र के शुरुआती ‘जीवनव्रतियों’ में से एक के तौर पर उन्होंने पूरे देश में अथक परिश्रम किया। पूर्वोत्तर भारत के साथ उनका विशेष और गहरा जुड़ाव था। उन्होंने शिक्षा, समाज-सेवा और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवेकानंद केंद्र के पूरे परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ॐ शांति!”
अमित शाह ने कहा कि बालकृष्णन स्वामी विवेकानंद की विचारधारा (Swami Vivekananda’s ideology) को मानने वाले और उसका पालन करने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने विवेकानंद केंद्र के माध्यम से महान संत के आदर्शों को साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने हमारी सभ्यता की समझ और ज्ञान से देश को समृद्ध करते हुए पूरे भारत में केंद्र के विज़न का विस्तार किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना रहेगा।
संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू (Minister of Parliamentary Affairs Kiren Rijiju) ने कहा कि उनकी निःस्वार्थ सेवा और खासकर अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उनके अहम योगदान को अरुणाचल प्रदेश के लोग और पूरा देश हमेशा याद रखेगा। वे एक सच्चे कर्मयोगी थे, जिनका जीवन सेवा की भावना का प्रतीक था। उनके परिजनों और करीबियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
