
सेंट लुइस : (St. Louis) भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद (Indian Grandmaster R. Praggnanandhaa) ने शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने गुरुवार को फैबियानो करूआना (Fabiano Caruana) को हराकर ग्रैंड चेस टूर फाइनल (Grand Chess Tour Finals) जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल के आखिरी दिन प्रज्ञानानंद छह अंकों के बड़े अंतर से पीछे थे, लेकिन उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए दोनों रैपिड बाजियां (both rapid games) जीत लीं। इसके बाद ब्लिट्ज में दबाव भरे मुकाबले के बावजूद बढ़त कायम रखते हुए 15-13 के स्कोर से खिताब अपने नाम किया।
यह प्रज्ञानानंद के करियर का अब तक का सबसे बड़ा खिताब है। इस जीत के साथ उन्हें दो लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। करूआना ने क्लासिकल मुकाबलों के बाद छह अंकों की बढ़त बना रखी थी। प्रज्ञानानंद ने हालांकि रैपिड और ब्लिट्ज में मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने पहले क्लासिकल मुकाबले में 0-6 से हार झेली, जबकि दूसरा मुकाबला 3-3 से ड्रॉ रहा। इसके बाद उन्होंने दोनों रैपिड मुकाबले जीतकर बढ़त हासिल की और चार ब्लिट्ज बाजियों में उसे बरकरार रखा।
खिताबी जीत के बाद प्रज्ञानानंद ने कहा कि वह इस खिताब को जीतकर खुश हैं। उन्होंने ग्रैंड चेस टूर (Grand Chess Tour) को विश्व चैंपियनशिप के बाद परंपरा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक बताया।
