
काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल में विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ (Bhote Koshi floods) ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले (Nepal’s Finance Minister Swarnim Wagle) ने शुक्रवार को कहा कि देश को इस आपदा से कई अरब डॉलर का नुकसान होने की आशंका है।
वित्त मंत्री वागले ने ब्लूमबर्ग टेलीविजन (Bloomberg Television) से बातचीत में कहा कि अगले एक-दो सप्ताह में जब नुकसान का विस्तृत आकलन होगा, तब इसकी कुल लागत कम-से-कम कुछ अरब डॉलर तक पहुंचने की आशंका है। उन्होंने शुरुआती नुकसान के अनुमान को “काफी चिंताजनक” बताया।
वहीं, नेपाल सरकार (Government of Nepal) ने बाढ़ प्रभावित जिलों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए रसुवा और नुवाकोट को एक-एक करोड़ रुपये, जबकि धाडिंग को 50 लाख रुपये जारी किए हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी, टेंट, कंबल, सोलर लैंप, जनरेटर और पावर बैंक जैसी जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में ईंधन की आपूर्ति भी जारी है।
गाैरतलब है कि, 10 सितंबर को नेपाल-चीन सीमा (Nepal-China border) के पास बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा ढहने के बाद यह आपदा आई। इस घटना से करीब एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ और 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस किया गया।
इसके बाद भारी मात्रा में पानी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में पहुंच गया, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई इलाकों में व्यापक बाढ़ आ गई। बाढ़ ने जनजीवन के साथ-साथ सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
फिलहाल, भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर प्रभावित लोगों तक राहत और जरूरी सेवाएं पहुंचाना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए भारी आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होगी।
