
नई दिल्ली : (New Delhi) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव (Uzbekistan President Shavkat Mirziyoyev) के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देश इस वर्ष अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और इस विशेष अवसर पर इन संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया जाएगा। इसके तहत ठोस लक्ष्य निर्धारित कर द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा को दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि यूरेनियम की आपूर्ति के लिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दीर्घकालिक व्यवस्था बनाई जाएगी।
वार्ता के अपने शुरुआती वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परियोजनाओं की पहचान करने और उनके लिए समयसीमा तय करने की पहल की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश मिलकर इस पर जल्द प्रगति करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संयुक्त आयोग (Joint Commission) के स्तर को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर पर किया जाएगा। इससे द्विपक्षीय सहयोग को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश तीन सिस्टर सिटी और सिस्टर स्ट्रेट व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए दोनों पक्षों को रोडमैप तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष मिलकर एक व्यापार शिखर सम्मेलन का आयोजन करेंगे, जिसमें दोनों देशों के व्यापारिक नेता शामिल होंगे। इससे आर्थिक और कारोबारी संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान में न्यू ताशकंद मेगा प्रोजेक्ट (New Tashkent mega project in Uzbekistan) और गुजरात की गिफ्ट सिटी की तुलना की और कहा कि भारत को खुशी होगी यदि उज्बेकिस्तान से प्रतिनिधिमंडल गुजरात आए और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों तथा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का अध्ययन करे। प्रधानमंत्री ने 1 सितंबर को आने वाले उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति और जनता को अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दीं।
वहीं, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने अपने शुरुआती वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजकीय यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान आज व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त बयान जारी करेंगे, जिससे सभी क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार का नया रास्ता खुलेगा।
उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में प्रगति की सराहना की तथा वैश्विक मामलों में भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान का विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार पहली बार एक अरब डॉलर से अधिक हुआ है और संयुक्त उपक्रमों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच साप्ताहिक सीधी उड़ानों, भारतीय संस्कृति केंद्रों और योग की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख किया। भारतीय नागरिकों के लिए वीजा मुक्त व्यवस्था को उन्होंने पर्यटन, व्यापार और जनसंपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री 29-30 अगस्त तक ताशकंद की राजकीय यात्रा पर हैं। यह उज्बेकिस्तान की प्रधानमंत्री की चौथी यात्रा है।
