
नई दिल्ली : (New Delhi) युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Young batsman Vaibhav Suryavanshi) दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में इतिहास रचने से चूक गए। सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए सूर्यवंशी 81 गेंदों में 92 रन बनाकर आउट हुए। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शतक लगाने वाले भारत के दूसरे सबसे युवा बल्लेबाज बनने से महज आठ रन दूर रह गए।
15 साल और 157 दिन की उम्र में सूर्यवंशी के पास सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने का शानदार मौका था। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी ट्रॉफी मुकाबले में 15 साल और 230 दिन की उम्र में अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया था।
भारत के सबसे कम उम्र में प्रथम श्रेणी शतक लगाने वाले बल्लेबाज का रिकॉर्ड हालांकि अभी भी ध्रुव पांडोव के नाम है। उन्होंने 1988 में महज 14 साल और 293 दिन की उम्र में शतक लगाया था।
दलीप ट्रॉफी में बनाया नया रिकॉर्ड
सूर्यवंशी शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने अपनी पारी के दौरान एक नया रिकॉर्ड जरूर अपने नाम किया। वह दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी ने 81 गेंदों की अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन 92 के स्कोर पर हर्ष दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। उन्होंने डीप मिडविकेट के ऊपर से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात क्षेत्ररक्षक को कैच थमा बैठे।
सूर्यवंशी के पास इस पारी के जरिए सचिन तेंदुलकर के करीब 38 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका था, लेकिन वह शतक से आठ रन दूर रह गए।
