
नई दिल्ली : (New Delhi) मध्य प्रदेश पुलिस ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में राज्य के मंत्री विजय शाह (state minister Vijay Shah) के खिलाफ जांच रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में सीलबंद लिफाफे में दाखिल की। मध्यप्रदेश पुलिस ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए जरूरी मंजूरी अभी राज्यपाल के पास लंबित है। इस पर उच्चतम न्यायालय ने फिलहाल मंजूरी के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं किया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि हम अभी चुप रहेंगे।
सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश एएसजी केएम नटराज (ASG KM Nataraj) ने कहा कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है और अभियोजन चलाने के लिए जरूरी अनुमति के लिए राज्यपाल को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि राज्यपाल एक सितंबर तक इस पर फैसला कर लेंगे। तब उच्चतम न्यायालय ने पूछा कि अगर फैसला हो जाता है तो आगे क्या होगा। इस पर कोर्ट रूम में उपस्थित एसआईटी प्रमुख ने कहा कि अगर अभियोजन चलाने की अनुमति मिल जाती है तो चार्जशीट दाखिल होगी और अगर अनुमति नहीं मिलती है तो क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करेंगे।
सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि विजय शाह ने अपने बयान के बाद माफी मांग ली थी। उसके बाद कोर्ट ने कहा कि वो इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। इसके पहले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh government) को विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देने में देरी करने पर फटकार लगाई थी।
19 मई 2025 को उच्चतम न्यायालय ने विजय शाह को जांच में शामिल होने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विजय शाह को उनके बयान के लिए फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस बयान से पूरा देश शर्मिंदा है। इसके पहले 15 मई को 2025 उच्चतम न्यायालय ने विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं, आप जानते हैं आप कौन हैं, आप सरकार में मंत्री हैं। जब देश संकट से गुजर रहा हो तो हर शब्द का महत्व होता है, अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
विजय शाह की ओर से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना विवादित बयान दिया था। इस बयान के बाद काफी हंगामा खड़ा हुआ था। उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विजय शाह पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विजय शाह पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
