
बलिया-गाजीपुर में हालात गंभीर
वाराणसी : (Varanasi) गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से वाराणसी और पूर्वांचल (Varanasi and several districts of the Purvanchal region) के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से 1.262 मीटर नीचे बह रही थी।
जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के कई घाटों का संपर्क टूट गया है। राजघाट के आसपास कई गांव और मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। घाटों पर नावों का संचालन बंद है। पानी गलियों तक पहुंचने से लॉज और होटल कारोबार भी प्रभावित हुआ है। गंगा के बढ़े जलस्तर का असर वरुणा नदी पर भी पड़ा है, जिससे कई मकानों के आसपास पानी पहुंच गया है।
बलिया में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह (Ballia, the Ganga is flowing above the danger mark) रही है। यहां खतरे का निशान 57.615 मीटर है, जबकि जलस्तर 58.800 मीटर पहुंच चुका है। नदी किनारे बसे गांवों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, गाजीपुर में जलस्तर 62.690 मीटर दर्ज किया गया (water level in Ghazipur was recorded at 62.690 meters) जबकि खतरे का निशान 63.105 मीटर है। अगले 24 घंटे में गंगा के खतरे के निशान तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
मिर्जापुर और प्रयागराज (Mirzapur and Prayagraj) में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे है। इसके बावजूद प्रयागराज से वाराणसी के बीच गंगा किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
