
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को केंद्र सरकार से यह बताने के लिए कहा है कि क्या तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए या इसे कड़े नियमों के दायरे में लाया जाना चाहिए? शीर्ष अदालत ने 2013 में तेजाब की खुदरा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए जारी किए गए निर्देश के बावजूद आसानी से इसकी उपलब्धता पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार से यह सवाल किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना (Chief Justice Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi, and Justice V. Mohana) की पीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों को 6 सप्ताह के भीतर तेजाब हमले के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए समुचित कदम उठाने का भी निर्देश दिया। पीठ ने केंद्र सरकार (Central Government) से एक मॉडल योजना तैयार करने को कहा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि इन योजनाओं में तेजाब हमले के पीड़ितों को मुआवजा देने, पुनर्वास, चिकित्सा सहायता और उच्च स्तर तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने जैसे प्रावधान होने चाहिए।
