
मुंबई : (Mumbai) वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे (Veteran social activist Anna Hazare) की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे अस्पताल के अतिदक्षता विभाग (Bombay Hospital in Mumbai) (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है और उनका उपचार जारी है।
बताया जा रहा है कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। अन्ना हजारे का इलाज प्रसिद्ध फिजिशियन डॉ. गौतम भंसाली और उनकी टीम की (renowned physician Dr. Gautam Bhansali and his team) निगरानी में किया जा रहा है। डॉक्टरों द्वारा उनकी विभिन्न चिकित्सकीय जांचें की जा रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के उपचार की दिशा तय की जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से अन्ना हजारे अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें तेज खांसी, बुखार, कमजोरी और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो रही थीं। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने और कमजोरी बढ़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल मुंबई ले जाने का निर्णय लिया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कमजोरी के कारण उन्हें आईसीयू में विशेष निगरानी में रखा गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया (Social activist Anjali Damania) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अन्ना हजारे की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अन्ना हजारे की हालत फिलहाल स्थिर है। उनके अनुसार, डिहाइड्रेशन और वायरल संक्रमण के चलते उनका उपचार किया जा रहा है।
अन्ना हजारे देश के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2011 में ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (India Against Corruption’) आंदोलन के बाद उन्हें देशभर में व्यापक पहचान मिली। महाराष्ट्र के रालेगणसिद्धि गांव (Ralegan Siddhi village in Maharashtra) के विकास और उसे आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के लिए किए गए उनके कार्यों की भी व्यापक सराहना हुई थी। हाल ही में ‘नीट’ पेपर लीक मामले (‘NEET’ paper leak issue) के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों को भी अन्ना हजारे ने समर्थन दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग की थी। अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता का माहौल है। देशभर से लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
