
नई दिल्ली : (New Delhi) चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (Gross Domestic Product) की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Leader of the Opposition in the Lok Sabha, Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए आज कहा कि दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” (“dead economy”) बताने के लिएकांग्रेस नेता को अपनी गलतबयानी पर देश से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा ने कहा कि वैश्विक संकट और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक विकास दर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सरकार की आर्थिक नीतियों का नतीजा है।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद (BJP MP Ravi Shankar Prasad) ने पार्टी के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन ने कहा कि जिस तिमाही में खाड़ी संकट, तेल आपूर्ति की चुनौतियां और वैश्विक अनिश्चितता बनी रही, उसी दौरान भारत ने 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर्ज की। इसी अवधि में जर्मनी की विकास दर 1 प्रतिशत, ब्रिटेन और अमेरिका की 2.1 प्रतिशत, कनाडा की 1.5 प्रतिशत और मलेशिया की 6 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक संकट के बीच भी भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, वित्त मंत्रालय के प्रबंधन और सरकार (Finance Ministry’s management, and the government’s economic policies) की आर्थिक नीतियों की सराहना की।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” बताया था, लेकिन 7.8 प्रतिशत की विकास दर उनके दावों का करारा जवाब है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार देश की अर्थव्यवस्था को लेकर गलत बयानबाजी कर लोगों का मनोबल गिराने की कोशिश करते हैं। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए l
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 2013 में भारत की अर्थव्यवस्था को “फ्रैजाइल फाइव” और “पॉलिसी पैरालिसिस” (“Fragile Five” and “policy paralysis”) का सामना करने वाली अर्थव्यवस्था कहा जाता था, जबकि आज देश 7.8 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विकास दर 7.8 प्रतिशत विनिर्माण, व्यापार, सेवा और निर्माण क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन तथा सरकार की नीतियों ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई।
