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Mumbai : आदित्य ठाकरे की बढ़ेगी मुसीबत

Mumbai: Trouble Ahead for Aaditya Thackeray

मुंबई : (Mumbai) दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (late actor Sushant Singh Rajput) की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बुधवार, 2 सितंबर को दिशा की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

पिता ने की थी नए सिरे से जांच की मांग
दिशा के पिता सतीश सालियान (Disha’s father, Satish Salian) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। याचिका में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे (Shiv Sena (UBT) leader Aaditya Thackeray) समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए थे। हालांकि, अदालत के आदेश का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया गया है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

सीबीआई को बयान और सभी रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश
सतीश सालियान के अधिवक्ता नीलेश ओझा (Satish Salian’s lawyer, Nilesh Ojha) के अनुसार, अदालत ने सीबीआई को सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने तथा मालवणी पुलिस थाने में मौजूद मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने को भी कहा गया है।

आरोपों के आधार पर नहीं होगी कार्रवाई
अधिवक्ता ओझा ने कहा कि जांच में जिस व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। केवल किसी का नाम लिए जाने या आरोप लगाए जाने के आधार पर उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीबीआई जांच के बाद नकारात्मक रिपोर्ट दाखिल करती है तो सतीश सालियान को उस पर आपत्ति दर्ज कराने और कानूनी चुनौती देने का अधिकार रहेगा।

परिवार ने हत्या का लगाया है आरोप
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना और बाद में आत्महत्या से जुड़ा मामला बताया गया था। महाराष्ट्र सरकार ने बाद में जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया। पुलिस और एसआईटी की ओर से अदालत में कहा गया था कि जांच में आपराधिक साजिश या किसी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं मिला। इसके विपरीत दिशा के पिता ने बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। परिवार का यह भी आरोप रहा है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच को प्रभावित किया गया।

सुशांत की मौत से छह दिन पहले हुई थी दिशा की मौत
दिशा की मौत के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत मृत पाए (Sushant Singh Rajput was found dead on June 14, 2020) गए थे। सुशांत की मौत के बाद दोनों मामलों को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच आपराधिक संबंध साबित करने वाला निष्कर्ष अब तक सामने नहीं आया है।

पुलिस जांच पर हाईकोर्ट ने उठाए थे सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान अगस्त में हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि परिवार द्वारा मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताए जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में क्या बाधा थी। मेडिकल रिपोर्ट और चोटों से जुड़े पहलुओं की जांच को लेकर भी अदालत ने सवाल किए थे। 28 अगस्त की सुनवाई में अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत हुई जांच की कानूनी स्थिति पर भी सवाल उठाया था। अदालत ने कहा था कि ऐसी जांच किसी व्यक्ति को आपराधिक मामले में अंतिम रूप से दोषमुक्त करने का विकल्प नहीं हो सकती। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।