
मुंबई : (Mumbai) शिवसेना (Shiv Sena) (UBT) नेता एवं सांसद संजय राउत (leader and MP Sanjay Raut) की विभिन्न मुद्दों पर की गई टिप्पणियों पर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन (BJP’s chief spokesperson Navnath Ban) ने पलटवार किया है। बन ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर राउत की ओर से दिए गए बनाए पर कहां की उन्हें जीडीपी का जी नहीं पता और वह जो कह रहे हैं वह उचित नहीं। साथ ही बन ने लोकतंत्र, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की फीस, राम मंदिर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के इस्तीफे की मांग और विपक्षी गठबंधन की राजनीति को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल
राउत द्वारा जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठाए जाने पर बन ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार और विपक्ष के आकलन अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक आंकड़ों पर सवाल उठाने के साथ संबंधित तथ्यों और स्रोतों को भी सामने रखना चाहिए। बन ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव करते हुए अर्थव्यवस्था की प्रगति का दावा किया।
सिब्बल की फीस पर मांगी जानकारी
कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) की कानूनी फीस को लेकर भी बन ने सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित मामलों में भुगतान की जा रही फीस का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई विशिष्ट राशि या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। लोकतंत्र को लेकर राउत की टिप्पणियों पर बन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Prime Minister Narendra Modi, Chief Minister Devendra Fadnavis, and Deputy Chief Minister Eknath Shinde) चुनाव के माध्यम से जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर बहस में चुनावी जनादेश और प्रक्रिया को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। राउत की राजनीतिक भविष्यवाणियों पर उन्होंने कहा कि भविष्य के राजनीतिक समीकरणों का फैसला जनता और चुनाव के जरिए होता है।
राम मंदिर और अमित शाह के मुद्दे पर जवाब
अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर बन ने भाजपा के नेतृत्व और नीतियों का बचाव किया। राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह आस्था से जुड़ा विषय है और विभिन्न राजनीतिक दलों का इस पर अलग दृष्टिकोण हो सकता है। उन्होंने विपक्ष के कुछ नेताओं के पूर्व रुख को लेकर भी सवाल उठाए।
सुप्रिया सुले और मनसे पर भी टिप्पणी
प्रधानमंत्री के फोटो से जुड़े कथित विवाद को लेकर बन ने सांसद सुप्रिया सुले (MP Supriya Sule) से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। मराठी भाषा के मुद्दे पर उन्होंने मनसे के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाषा और संस्कृति को लेकर राजनीतिक दलों के बयानों और व्यवहार में समानता होनी चाहिए। विपक्षी गठबंधन को लेकर बन ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा हैं। हालांकि, उन्होंने विपक्षी दलों पर सत्ता को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उनके बयानों पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
